12 वी फेल आई पी एस अधिकारी मनोज शर्मा के संघर्ष जुनून की कहानी बुक रिव्यु।



एमपी नाउ डेस्क

लेख अरविंद साहू

(बुक रिव्यु):- संघर्ष शब्द हर उस शख्स के साथ स्वयं जुड़ जाता है, जो आज कामयाब है। किसी का संघर्ष शिक्षा को लेकर तो किसी का भूख, सम्मान, धन प्राप्ति के लिये तो किसी का कुछ कर दिखाने की ललक समाज को। संघर्ष जन्म से ही व्यक्ति को अपने आगोश में ले लेता है। किसी का संघर्ष बहुत बड़ा होता है ,किसी का कम पर होता जरूर है। ऐसे ही एक छोटे से गांव के मनोज शर्मा की कहानी को शब्दों मैं बोया अनुराग पाठक ने अपने उपन्यास " ट्वेल्थ फैल" में जिसका प्रकाशक  नियोलिट पब्लिकेशन ने किया है। 175 पेज का उपन्यास एक बार पढ़ना शुरू करने के बाद अंत तक आपको बांधे रखेगा, कहानी एक ऐसे लड़के की जिसमें अभाव अपनी कमजोरियों को पीछे छोड़कर संघर्ष जारी रखा अपने सिद्धांतों से समझौता किये बिना अपना एक मुकाम हासिल किया। ट्वेल्थ में फैल मनोज यूपीएससी एग्जाम देता है ट्वेल्थ से यूपीएससी के बीच आने वाली परेशानियों का सामना करते हूए कैसे परिपक्व होता है। ऑटो कंडक्टर, आटा चक्की ऑपरेटर, लाइबेरी में काम करने से लेकर कुत्तों को घुमाने के बाद भी अपने सपने को जीना नही छोड़ता। जहां हम उम्र लोग मोहब्बत को कमजोरी बना लेते हैं उस प्यार को वह अपनी ताकत बनाकर प्यार को अलग नजरिये से प्रस्तुत करता है। कई बार लक्ष्य से भटकने के बाद पुनः लक्ष्य की अग्रसर होता है। अंत जीत हासिल कर ही लेता है।

मनोज शर्मा आई पी एस
मनोज शर्मा आई पी एस


कहानी में कुछ पात्रों ने उनके जीवन में  महत्वपूर्ण भूमिका अदा की जैसे श्रद्धा,पांडे,राकेश,अविनाश,त्यागीजी, गुप्ता,कालीचरण,बल्ले,दुष्यंत कुमार, बसकंडक्टर ,दरोगा यादव ये नही होते तो शायद कुछ और होता।


उपन्यास में कुछ पक्तियां है
★ अपनी अयोग्यता को जीतना ही सबसे बडी योग्यता है।
★किन्ही दो लोंगो की तुलना उनके परिणामों से नही होनी चाहिये, बल्कि उनकी परीस्थितियों और सुविधाओं के आधार पर होनी चाहिए।
★जिसने आपका कभी भला किया हो,उसका साथ कभी मत छोड़ो"।
★ कोई भी असफ़लता अंतिम नही होती। हर असफलता के बाद सफलता जरूर मिलती हैं।"
★यह इम्पोर्टेन्ट नही है कि हम अपनी जिंदगी में क्या लक्ष्य बनाते है। इम्पोर्टेन्ट यह है कि हम उस लक्ष्य को पाने के लिए जी- जान से जुटते है या नही?
★अपनी क्षमता के साथ न्याय न करना खुद से और इस समाज से अन्याय होगा।
★गुरुज्ञान लेने के लिए तपना पड़ता है। मेहनत करनी पड़ती है।
★आपके लिए सफलता जीने मरने का प्रश्न बन जाये तब सफलता के राज बताउगा।
★संतुष्टि और आनंद के साथ देश हित मे कोई भी काम पूरी ईमादारी से करें तो आप सफल है।
★एम ए हिंदी को लात मारकर सॉफ्टवेर इंजीनियर के साथ तुम्हारी प्रेमिका निकल ली इंग्लैंड।
★हमारा मन सुविधाओं के लालच में समझोतों के अंधकार मे डूब जाता है।
★प्रतिभायें अकारण आगे नही बढ़ती। वे बढ़ती है अपने पुरुषार्थ से अपने धैर्य से, अपने सम्पर्ण से, अपनी मेहनत से ,अपने त्याग से ,अपनी प्रबल इक्षाशक्ति से।
★जीवन मे अब कभी भी तुम्हारे पर्सेंट से तुम्हारा व्यक्तित्व और तुम्हारी योग्यता का आकलन नही होगा, इसलिए अपनी पुरानी कमजोरियों को झूठ के सहारे छुपाने के स्थान में सच्चाई के साथ उनका सामना करो।



 जीवन मे निराशा अन्धकार नकारात्मक विचारों ने घेर रखा है ऐसा लग रहा है जीवन मे संघर्ष बड़ा है तो एक बार बुक पढ़ ही लीजिए आपको यथार्थ के दर्शन हो जाएंगे।

बुक लिंक



अरविंद साहू
8982636362


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