निर्देशक पार्थो मित्रा की "नक्सलबाड़ी", कैसे इसे जुड़ा हर पक्ष अपने फायदे के लिए नक्सल टाइटल का उपयोग करता है जाने  वेव सीरीज का रिव्यू।

निर्देशक पार्थो मित्रा की "नक्सलबाड़ी", कैसे इसे जुड़ा हर पक्ष अपने फायदे के लिए नक्सल टाइटल का उपयोग करता है जाने वेव सीरीज का रिव्यू।



एमपी नाउ डेस्क


(REVIEW) मुंबई:- ZEE 5 ने अपना एक  और ओरिजनल कन्टेंट 28 नवम्बर को अपने प्लेटफॉर्म में रिलीज कर दिया है नाम है "नक्सलबाड़ी" भारत देश हमेशा से ही नक्सलवाद से प्रभावित रहा है देश के बहुत से राज्य नक्सल वाद से प्रभावित है निर्देशक पार्थो मित्रा की नक्सलबाड़ी इसी विषय पर आधारित है कैसे नक्सली इलाकों में आदिवासी अपने जड़ जमीन जंगल की लड़ाई में हिंसा का सहारा लेकर अपनी लड़ाई लड़ रहे है और उसे सही और जायज समझ रहे है वही इनसे जुड़ा सिस्टम राजनेतिक समाजिक प्रशासनिक अपने अपने स्तर में नक्सल टाइटल का उपयोग कैसे करते है है दिखाया गया है। वेव सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि यह सीरीज किसी एक पक्ष के साथ खड़े होने कि कोशिश नहीं करती "नक्सलबाड़ी" में पार्थों मित्रा ने बहुत प्रभावी ढंग से नक्सल प्रभावित इलाकों और उनसे जुड़े किरदारों का संसार रचा है। "नक्सलबाड़ी"  में 9 एपिसोड है  वेव शो का कुल समय 3 घंटे 50 मिनिट 33 सेकेंड के है एक बार देखना चालू करने के बाद आपको इसकी  स्टोरी  बांधे रखेगी। 




कास्ट:- कास्ट की बात करे तो सीरीज में, राजीव खंडेलवाल, राघव के रूप में, टीना दत्ता, केतकी के रूप में, श्रीजीता डे, महिला नक्सली की भूमिका में, सत्यदीप मिश्रा, पुरुष नक्सली पाहन के किरदार में और आमिर अली, मेसवानी के किरदार में नजर आ रहे हैं.



यदि आप बहुत समय से किसी ओरिजनल कन्टेंट और अच्छी स्टोरी के साथ एक्शन बेस्ड इंटरटेनमेंट कन्टेंट का इंतजार कर रहे थे तो ZEE 5 की "नक्सलबाड़ी" आपकी उम्मीदों में खरा उतरेगी।


रिव्यू:- AD SAHU 7974243239

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