श्रावण अमावस्या और सावन सोमवार का विशेष संजोग शिव की करें ऐसी आराधना मनवांछित फल की होगी प्राप्ति।


एमपी नाउ डेस्क

धर्म डेस्क:- भगवान शिव को देवो का देव भी कहा गया भगवान शिव की पूजा सावन में करने को अत्यधिक महत्व दिया जाता है ऐसी मान्यता है सावन में शिव की पूजा मनवांछित फल प्रदान करने के साथ ही मोक्ष प्रदान करने वाली होती है देश मे सावन मास का प्रारंभ हो चुका है और आज सावन का तृतीय सोमवार है सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है सावन सोमवार में विधि विधान से पूजन करने से शिव अत्यधिक प्रसन्न होते है भगवान शिव देवताओं में जल्द प्रसन्न होने वाले देवता है उनका एक नाम भोलेनाथ भी है


भगवान शिव के आशीर्वाद से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और उसे मन वांक्षित फल की प्राप्ति होती है. श्रावण मास में शिव की पूजा करने से शत्रुओं का नाश और रोग-शोक दूर होता है. आइए जानते हैं कि इस श्रावण मास में किस विधि से शिव पूजन करना चाहिए.

सावन सोमवार के साथ आज श्रावण अमावस्या का शुभ सयोंग भी बन रहा है आज शिव उपासना से भोलेनाथ जल्द प्रसन्न होंगे आज महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र, शतरूद्र का पाठ, पुरुष सूक्त का पाठ और पंचाक्षर आदि शिव मंत्रों का जाप करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।


सावन मास के बारे में भगवान शिव ने स्वयं सनत्कुमार मुनि से कहा था कि सभी मासों में सावन मास मुझे अति प्रिय है यदि आपकी कोई इक्षा रोग शोक शत्रु विजय जैसे फलों को प्राप्त करना है तो भगवान शिव की आराधना कीजिये।
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