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छिंदवाड़ा एमपीबी कॉलोनी मैं खिला दुर्लभ ब्रह्मा कमल देखें दर्शन मात्र से करता है मनोवांछित इच्छापूर्ण

छिंदवाड़ा एमपीबी कॉलोनी मैं खिला दुर्लभ ब्रह्मा कमल देखें दर्शन मात्र से करता है मनोवांछित इच्छापूर्ण


संतोष शर्मा के निवास में खिला ब्रम्ह कमल

एमपी नाउ डेस्क

मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में ब्रह्मा कमल खिला ब्रह्म कमल के बारे में धार्मिक मान्यता प्रचलित है ब्रह्मा कमल हिमालय की दुर्लभ पहाड़ियों में खिलता है ऐसी मान्यता है कि ब्रह्म कमल के दर्शन मात्र से मनोवांछित इच्छा पूर्ण हो जाती है ब्रह्म कमल की एक विशेष विशेषताएं है कि यहां रात में खिलता है और सुबह बंद हो जाता है हिंदू हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार यह विश्व में एकमात्र ऐसा पुष्पा है जिसे भगवान पर अर्पण नहीं किया जाता इसकी स्वयं ही पूजा की जाती है ऐसा कहा जाता है इसमें भगवान का वास होता है ब्रह्म कमल का नाम सृष्टि रचयिता ब्रह्मा के नाम पर पड़ा महाभारत काल में महारानी द्रौपदी इसकी खुशबू की वजह से इसे पाने के लिए अत्यधिक व्याकुल हो गई थी

  • एमपीबी कॉलोनी परासिया रोड छिंदवाडा में गुरुवार एकादशी श्रावण मास के रात्रि में संतोष शर्मा के निज निवास पर ब्रह्म कमल खिला ब्रह्म कमल के खिलते ही उसकी चर्चा आसपास फैल गई ब्रह्म कमल को देखने और पूजा करने के लिए आसपास के पड़ोसी और परिचित परिजन शर्मा निवास पर पहुंचने लगे संतोष शर्मा के सुपुत्र हर्षित शर्मा ने जानकारी दी ब्रह्म कमल हिमालय पर्वत के 3000 4000 ऊंचाइयों में पाया जाता है इसका वानस्पतिक नाम   सोसेरिया ओबोवेलाटा है।


◆ मनवांछित इच्छा को पूर्ण करता है ब्रह्म कमल को खिलता देखना


हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार ब्रह्म कमल के दर्शन मनवांछित इच्छा को पूर्ण करते हैं यह कमल आधी रात के बाद खिलता है इसलिए इसे खिलते देखना स्वप्न समान ही है। एक विश्वास है कि अगर इसे खिलते समय देख कर कोई कामना की जाए तो अतिशीघ्र पूरी हो जाती है। ब्रह्मकमल के पौधे में एक साल में केवल एक बार ही फूल आता है जो कि सिर्फ रात्रि में ही खिलता है। दुर्लभता के इस गुण के कारण से ब्रह्म कमल को शुभ माना जाता है।

◆ ब्रह्म कमल से टपका जल होता है अमृत 


ब्रह्म कमल में औषधि गुण भी पाए जाते हैं ब्रह्मकमल को सुखाकर इसका चूर्ण खाने से दुर्लभ से दुर्लभ कैंसर खत्म हो जाता है ब्रह्म कमल के बारे में ऐसी भी मान्यता है कि सेना ही खरीदा जाता है ना इसे बेचा जाता है ब्रह्म कमल से टपका हुआ जल अमृत जैसा ही होता है

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