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क्या सरकार से मोह भंग हो रहा आईएएस अधिकारियों का ?

क्या सरकार से मोह भंग हो रहा आईएएस अधिकारियों का ?

अभी हाल ही में साल 2014 बेंच की आ
ईएएस कैडर रानी नागर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया इस्तीफा देने की वजह बताते हुए रानी नागर ने कहा उनकी सुरक्षा को खतरा है रानी नागर पहली आईएएस ऑफिसर नही है उनसे पहले भी चार ऐसे ऑफिसर थे जिन्होंने इस्तीफा दिया है अब सरकार से नाराजगी के चलते इस्तीफा देने वालो में रानी नागर का नाम भी जुड़ गया जानते है इन आईएएस अधिकारियों के बारे में,
                                शशिकांत सेंथिल
आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल कर्नाटक कैडर के आईएएस अधिकारी हैं. यूपीएससी की परीक्षा में वह तमिलनाडु के टॉपर थे जबकि देश में उनका 9वां रैंक था. शशिकांत सेंथिल ने तिरुचिरापल्ली से इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रॉनिक्स) की पढ़ाई की है,एक पत्र लिखकर कहा कि लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे के साथ अभूतपूर्व तरीके से समझौता किया जा रहा है।
ऐसे समय मे सिविल सेवा में रहना अनुचित सझता हु
हर्ष मंदर
गुजरात में 2002 में हुए दंगों के बाद आईएएस अधिकारी हर्ष मंदर (Harsh Mander) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और अब वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 22 साल तक नौकरी करने के बाद इस्तीफा दिया था। वह मोदी सरकार के खिलाफ अक्सर मुखर रहते हैं। नागरिकता कानून समेत उन्होंने मोदी सरकार के कई फैसलों का विरोध किया है।।                                     
                                   
                             
                             
                                कन्नन गोपीनाथन
2012 सिविल सेवा परीक्षा में कन्नन ने 59वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी  इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की थी। आईएएस बनने से पहले वह एक निजी कंपनी में डिजाइन इंजीनियर थे। कन्नन गोपीनाथन अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अंतर्गत AGMUT ( अरुणाचल, गोवा, मिजोरम यूनियन टेरिटरी) कैडर में कार्यरत थे। इस्तीफे की वजह यह बताई है कि वे कश्मीर पर खुलकर खुद को अभिवयक्ति नहीं कर पा रहे थे। उन्हें अपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की यह पाबन्दी घुटन की तरह महसूस हो रही थी।

                                  अरुणा रॉय
Aruna Roy दिल्ली में बड़ी हुई जहां उनके पिता एक सरकारी कर्मचारी थे। उन्होंने 1968 और 1974 के बीच भारतीय प्रशासनिक सेवा में एक सिविल सेवक (IAS) के रूप में कार्य किया। सामाजिक करों के हितों के लिए इस्तीफ़ा दे दिया।

2011 में एक न्यूजपेपर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- 'ऐसी कोई परिस्थिति नहीं होती, जिसमें एक शख्स कुछ सीखे नहीं, लेकिन आईएएस सेवा ने मुझे वो सिखाया, जो में नहीं सीखना चाहती थी। मैंने ये भी सीखा कि कैसे सरकारी नौकरी के साथ-साथ आपके अंदर एक घमंड आ जाता है।' पिछले ही साल उन्होंने आईएएस सेवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा था- 'सिविल सेवाएं इस समय नाजुक दौर से गुजर रही हैं। एक ओर जहां सिविल सर्विसेज के प्रति अभी भी आकर्षण बना हुआ है तो वहीं कार्यरत आईएएस अधिकारी यह कहते हुए सिविल सर्विस से इस्तीफा दे रहे हैं कि सरकार द्वारा उनके संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया जा रहा है।'

रानी नागर
रानी नागर उत्तर प्रदेश के गाजिबाद की रहने वाली हैं. रानी नागर 2014 बैच हरियाणा कैडर की आईएएस अफसर हैं.
अपनी निजी सुरक्षा को खतरा बताकर आईएएस अधिकारी पद से इस्तीफा दे दिया।


Article by AD SAHU
7974243239

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