छिंदवाड़ा ऑनलाइन एक्टिंग की पाठशाला-   तीसरा दिन कलाकार का शरीर वाद्ययंत्र की तरह होता है

छिंदवाड़ा ऑनलाइन एक्टिंग की पाठशाला- तीसरा दिन कलाकार का शरीर वाद्ययंत्र की तरह होता है

एमपी नाउ
डेस्क


छिंदवाड़ा । जिले की अग्रणी नाट्य संस्था नाट्यगंगा ऑनलाइन एक्टिंग की पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत देश के दिग्गज एक्टिंग गुरु संस्था के नए एवं पुराने कलाकारों को एक्टिंग के गुर सीखा रहे हैं। आज पाठशाला के तीसरे दिन देश के जाने माने निर्देशक, रंगकर्मी और बॉलीवुड के वॉइस और स्पीच गुरु श्री आनन्द मिश्रा(गंगा)जी, मुंबई का सानिध्य प्राप्त हुआ। आनंद मिश्रा सर मूलतः जबलपुर से हैं। आप विवेचना संस्था के फाउंडर मेंबर हैं। साथ ही आप भारत भवन रंगमंडल में भी रह चुके हैं। वर्तमान में आप मुंबई में हैं और बॉलीवुड कलाकारां को वॉइस एंड स्पीच की ट्रेनिंग देते हैं। कैटरीना कैफ, वरुण धवन, जाह्नवी कपूर, नरगिस फाकरी, याना गुप्ता आदि आपके शिष्य हैं। इसके साथ ही आपने अंदाज अपना अपना, घातक, चायना गेट, मुझसे शादी करोगी आदि फिल्मों में अभिनय भी किया है। आज मिश्रा सर ने रंगमंच में वॉइस एंड स्पीच से सम्बंधित कई बारीकियों से कलाकारों को अवगत कराया साथ ही साथ कलाकारों की आवाज या संवाद को लेकर जो समस्याएं या प्रश्न थे उनका भी बहुत ही प्रभावी ढंग एवं सहजता से समाधान किया। लगातार तीन दिनों से चली आ रही इस कार्यशाला से संस्था के कलाकार अति उत्साहित अनुभव कर रहे हैं। रंगमंच की विभूतियों का इतनी सहजता से हर पहलू पर बात करना इस बात को दर्शाता है कि पेड़ जितना बड़ा हो उतना ही ज्यादा छांव देता है। मीडिया प्रभारी संजय औरंगाबादगर ने बताया कि आज लगभग 32 कलाकारों ने कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त किया।कार्यशाला के निर्देशक श्री पंकज सोनी और कोऑर्डिनेटर श्री वसंत काशीकर जी हैं। आज की क्लास मुख्य रूप से ये सीखा -संवाद बोलने के क्या तरीके होते हैं बिना संवाद के भी अपनी उपस्थिति कैसे दर्ज कराई जाए एवं संवाद बोलते समय श्वास की गति किस प्रकार की होनी चाहिए इत्यादि पर बहुत बारीकी से समझाया अधिकतम उदाहरण तो उन्होंने खुद करके दिखाए।एक अभिनेता को अपनी आवाज का थ्रो बढ़ाने के लिए कौन कौन सी एक्सरसाइज करना चाहिए।हमारा शरीर एक वाद्ययंत्र की तरह होता है। जैसे वाद्ययंत्र के अलग अलग तारों से अलग ध्वनि निकलती है वैसे ही हमारे शरीर के अलग अलग हिस्सों से अलग अलग ध्वनि आती है। एक कलाकार कैसे अपने हृदय को आराम दे सकता है। स्पीच के दौरान किन बातों का ध्यान दिया जाना चाहिए ।

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